GET MOTIVATIONAL INSPIRATIONAL AND LOVE STORIES, SHAYRIES, QUOTES AND BIOGRAPHIES. YOU CAN ALSO GET HERE APPLIED EDUCATION, USEFULL GENERAL INFORMATION, BUSINESS IDEAS, ONLINE JOBS, CAREER TIPS, HELTH TIPS, ROCHAK FACTS, SPORTS FACTS, TRAVELLING FACTS AND NEW TECHNOLOGIES DESCRIPTIONS.

हिंदी के सुप्रसिद्ध वेब पोर्टल हिन्दीशिखर डॉट कॉम पर आपका स्वागत हैं।

Please Choose Your Language in Which do You want to Read

Search Your Post

तोहफा - एक अधूरा मिलन : A Love Story


  • एक छोटे शहर में एक बहुत मेहनती, सुशील एवं शांत स्वभाव का एक लड़का रहता था। उसके घर के पास वाले घर में एक बहुत ही सुन्दर लड़की अपनी हायर एजुकेशन के लिए अपने नाना के घर आई हुई थी।


    • उस लड़की के नाना उस लड़के के अच्छे पड़ोसी थे । लड़की की माँ उसके नाना की एकलौती संतान थीं। अतः लड़की के नाना को जब भी किसी प्रकार की मदद की जरूरत पड़ती, तो वह लड़का उनकी मदद करता था। 
    • लड़की को उस लड़के द्वारा उसके नाना की मदद करने का आतुर स्वाभाव बहुत पसंद आया । मन ही मन वह उस लड़के को पसंद करने लगी। संध्या के समय दोनों अपनी-अपनी छत पर आते और दोनों एक दूसरे को बार-बार निहारते रहते। धीरे-धीरे उस लड़के का ध्यान भी उस लड़की पर जाने लगा । लड़की बहुत सुंदर थी, इसलिए वह लड़का उस लड़की को पसंद करने लगा।
    • स्कूल खुलने का समय आ गया। लड़की के नाना ने उसका एडमिशन एक प्राइवेट स्कूल में करवा दिया, जोकि सरकारी स्कूल के पास में ही था। उधर वह लड़का एक गरीब परिवार का था। वह अपनी पुरानी साइकिल से सरकारी स्कूल में पढ़ने जाता था।
    • उस लड़की को साईकिल चलाने का बहुत शौक था, इसलिए उसने अपने नाना से अपने लिए एक नयी साईकिल मंगवा ली और स्कूल बस की बजाय वह साईकिल से अपने स्कूल जाने लगी।
    • दोनों का स्कूल पास-पास ही था। इसलिए दोनों साथ-साथ अपने-अपने स्कूल जाने लगें। धीरे-धीरे उनके बीच बात-चीत शुरू हो गयी। वह एक-दुसरे से अच्छी तरह से परिचित हो गए। लड़की का स्कूल एक घंटे अधिक चलता था, इसलिए वह लड़का उस लड़की का एक घंटे तक इंतजार करता था ।स्कूल के बाद दोनों साथ-साथ घर वापिस आते थे। धीरे-धीरे दिन ,महीने और साल गुजर गए। दोनों एक-दुसरे को बहुत प्रेम करने लगे।
    • दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीने मरने का वादा कर लिया, परन्तु एक समस्या आ रही थी। लड़का बहुत गरीब परिवार का था जबकि लड़की बड़े परिवार की। लड़की ने अपने माता-पिता व नाना के समक्ष उस लड़के से शादी करने का प्रस्ताव रखा। नाना तो मान गए परन्तु लड़की के माता-पिता लड़के की आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण नहीं माने। उन्होंने अपनी बेटी से कहा, कि तुम्हारी शादी उस लड़के से तभी हो सकती हैं। जब वह हमारी बराबरी करले।
    • लड़की ने यह बात उस लड़के को बताई।
    • उस लड़की का प्यार पाने के लिए, अमीर बनने के उद्देश्य से लड़का अपनी अधूरी पढ़ाई छोड़कर एक बड़े शहर में काम की तलाश में निकल पड़ा। शहर को निकलने से पहले वह लड़की से वादा कर गया कि वह वापिस बहुत अमीर बनके ही लौटेगा, और उससे शादी करेगा।
    • शहर जाकर उसने एक काम शुरू किया, काफी मेहनत करने के बाद भी उसका वह काम सफल नहीं हो पाया। लड़के ने जाते समय लड़की से वादा किया था, कि वह उसके जन्मदिन पर उसे एक बेहतरीन तोहफा देगा, परन्तु जब वह लड़की के जन्मदिन पर घर वापिस आया तो उसके पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वह उसके लिए एक छोटा-सा भी गिफ्ट खरीद सके।
    • एक बार फिर जाने से पहले वह लड़की से वादा करके गया, कि वह इस बार अवश्य सफल होगा। शहर जाने के बाद उसने फिर से एक नया काम शुरू किया परन्तु दुर्भाग्यवस वह इस बार भी असफल रहा। शायद किस्मत उससे रूठी थी। उधर लड़की की हायर सेकंडरी एजुकेशन पूरी हो चुकी थी। उसके घर वाले उसे अब किसी और लड़के से शादी करने के लिए कहने लगे। 
    • एक बार फिर जब वह लड़की के जन्मदिन पर घर वापिस आया तो वह बिल्कुल खाली हाथ था। वह इस बार भी उस लड़की को उसके जन्मदिन पर कुछ भी नहीं दे सका। लड़की ने लड़के को बताया कि उसके माता-पिता उसकी शादी किसी और से करने की सोच रहे है। उसने लड़के को एक साल का बक्त दिया, और कहा- "यदि तुम एक साल तक अमीर नहीं बन पाये, तो मेरे माता-पिता तुम्हारा इंतजार नही करेंगे और मेरी शादी किसी और कर देंगे।" सीने में धधकती आग लिए लड़का फिर से शहर निकल गया। उसने दिन रात एक कर दी। पूरी मेहनत और जूनून के साथ उसने अपना काम शुरू कर दिया। उसका बिज़नेस बहुत ही मंद गति से बढ़ने लगा, परन्तु धीरे-धीरे साल निकल गया। लड़की की शादी तह हो गयी। जैसे ही लड़के को पता चला, वह तुरंत लड़की से मिलने चला आया। उसने लड़की से कहा, कि में अभी इतना सफल नहीं हूँ, कि तुम्हारे माता-पिता मेरे साथ शादी कर दे, परन्तु मैं  तुम्हारे बिना रह भी नहीं सकता। उसने लड़की से कहा क्यों ना हम छुपकर शादी कर ले और जब हम अमीर बन जायेंगे, तब हम तुम्हारें माता-पिता को मना लेंगे। लड़की ने प्रस्ताव नामंजूर कर दिया। उसने कहा, "मैं अपनी वजह से अपने माँ-बाप के सम्मान व विश्वास को धूमिल नहीं कर सकती। मैं मजबूर हूँ, हो सके तो मुझे माफ कर देना ।"  इतने शब्द कहकर वह चली जाती है।
    • कुछ दिन बाद लड़की की शादी किसी और से हो जाती है और इधर लड़के के सारे अरमान पानी-पानी हो जाते है। धीरे-धीरे दिन, महीने और साल गुजर गए। 
    • इधर लड़की के पति का जोकि एक बिजनेसमैन था, उसका अपने साथियों से किसी प्रकार का मतभेद हो जाता हैं और उसके साथी बेईमानी करके उसको बिज़नेस से निकल देते है। 
    • झगड़े और मुकद्दमें में पैसा लगाते-लगाते वह कंगाल हो गया।ऊपर से कोर्ट ने यह फैसला सुनाया कि कंपनी के लोन को भी उसे ही चुकाना पड़ेगा। उसे बैंक लोन चुकाने के लिए अपना घर बेचना पड़ा। अपनी रोज़ी के लिये काम की तलाश करनी पड़ी। दोनों एक बड़े शहर में आकर किराए पर रहने लगे।उसके पति को एक बैंक में नौकरी मिल गयी, परन्तु शहर में महंगाई इतनी थी कि उस तनख्वाह से दोनों का काम नहीं चल पाया। इसी कारण उस लड़की ने भी नौकरी की तलाश शुरू कर दी और जल्द ही उसे एक बहुत बड़ी कंपनी में नौकरी मिल गयी। उसकी तन्खा भी अपने पति से बहुत ज्यादा थी। मात्र एक महीने बाद ही उसका प्रोमोशन हो गया और वह उस कंपनी की मेनेंजर बन गयी। दोनों बहुत खुश हुए, क्योंकि जिंदगी दोबारा से रंगीन होने लगी थी।
    • एक दिन जब लड़की ऑफिस पहुँची तो उसने टेबल पर एक पत्र रखा देखा। उसने पत्र खोला और उसे देखने लगीं। उसपे लिखा था।...

    • """""बक्त ने मुझे बक्त ही नहीं दिया, बक्त पर कुछ करने के लिए ।
    • पर अब अपना दो पल का बक्त दे दो हमें, सिर्फ दीदार के लिए।।""""""

    • लड़की ने ऑफिस क्लर्क से पूछा क़ि यह पत्र किसने यह रखा है।
    • क्लार्क ने उसे बताया कि कल देर रात मालिक साहब आये थे।उन्होंने ही यह आपके लिये छोड़ा था। 
    • लड़की आँखों में आंसू आ गए । क्योंकि वह वही था, जिससे वह कभी बहुत प्यार करती थी। पर्चे पर आगे लिखा था कि होटल फाइव स्टार में मैं आपका आपके जन्मदिन पर संध्या के समय एक बार फिर इन्तजार करूँगा।
    • अगले दिन ही उसका जन्मदिन था। लड़की अपने पति और अपने माता-पिता के साथ शाम के समय होटल पहुँच गयी।वहाँ उसका भव्य स्वागत हुआ।  होटल बहुत ही शानदार तरह से सजाया गया था। पार्टी में शहर के बहुत बड़े-बड़े लोग आये हुए थे। इंतजार की घड़िया ख़त्म हुई। वह लड़का अपनी वही पुरानी पोशाक पहन कर पार्टी में शामिल हुआ, जिस पोशाक में वह उस लड़की से आखरी बार मिला था। एक दूसरे को देख दोनों की आंखों में आंसू आ गए, क्योंकि दिलों में उनके एक-दूसरे के प्रति अभी भी प्यार जिंदा था। लड़के को इतना बड़ा आदमी देख लड़की के माता-पिता की आंखे शर्म से झुक गई। केक-काटकर लड़के ने लड़की को खिलाते हुए कहा,
    •   
    • ""मैं इस बार खली हाथ नहीं आया।"""

    • इतना कहकर वह लड़की को एक फाइल देकर चला गया। लड़की ने जब फाइल खोली तो पाया कि वह कंपनी जिसमें वह काम करती हैं, लड़के ने उसके नाम कर दी है।