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त्याग-एक बलिदान : A Secrifice

एक जंगल के किनारे एक छोटा-सा गाँव था। उस गाँव में एक शेर ने भयंकर उपद्रोह मचा रखा था। वह हर-रोज किसी न किसी जानवर या आदमी को मारकर खा जाता था। लोग पूरी- पूरी रात डर के कारण जागते रहते थे।
एक दिन गाँव के सारे लोगों ने मिलकर एक पंचायत बैठाई। पंचायत में शेर से बचने के लिए लोगों से उपाय पूछे गए। लोंगो ने अपने-अपने सुझाव दिए । कुछ लोगों का कहना था कि गाँव के चारों और रात-भर पहरा लगवा दिया जाये, कुछ का कहना था कि गाँव के चारों और रात-भर आग जलायी जाये।सुझाव सही थे पर सवाल यह था कि हम ऐसा कब तक करेगे।
तभी गाँव के एक युवा ने अपना सुझाव पेश किया। उसका सुझाव था कि लोहे का एक मजबूत पिजड़ा तैयार किया जाये और उसका दरवाजा ऐसे तैयार किया जाये कि जैसे ही शेर उसमे प्रवेश करें, दरवाजा तुरंत नीचे गिर जाये और पिजड़ा बंद हो जाये। पिजड़े के अंदर एक जानबर बाँध दिया जायेगा, जिसे खाने के लिए शेर पिजड़े में घुसेगा और उसके घुसते ही पिजड़ा बंद हो जायेगा। लोगों को सुझाव बहुत पसंद आया और दुसरे ही दिन लोगों ने लोहार से लोहे का एक मजबूत पिजड़ा तैयार करवा लिया और उसे गाँव की उस दिशा में रख दिया गया जिधर से शेर के आने की ज्यादा सम्भावना रहती थी। शाम हुई तो उस युवा ने गाँव वालों से एक जानवर माँगा, पर ये क्या हुआ ? कोई भी गाँव-वाला उसे अपना जानवर देने के लिए तैयार ही नहीं हुआ। सभी वहाँ से नौ दो ग्यारा हो गये।वह घर_घर भटका पर सभी ने अपने_अपने दरबाजे बंद कर लिए। सुबह हुई और जब लोगों ने उस पिजड़े में शेर को बंद पाया तो उनकी ख़ुशी का ठिकना न रहा। पूरे गाँव में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी। जब गाँव वाले उस पिजड़े के पास पहुँचे और उनकी नजर पिजड़े के अंदर पड़ी तो वह शर्म के मारे पानी-पानी हो गए।
क्योंकि पिजड़े के अंदर उसी युवा का अधखा धड़ पड़ा था और शेर अब भी उसे खा रहा था।

दोस्तों इतिहास में ऐसे बहुत से लोग हुऐ है जिन्होंने लोंगो की भलाई के लिए अपना सब कुछ त्याग कर दिया, चाहे लोंगो ने उन पर कितने ही सितम क्यों न ढाहे हो।
दुनिया ने आपके लिए क्या किया ये मत सोचिये|
बल्कि दुनिया को आप ने क्या दिया इस पर गौर कीजिये।।

""नहीं परवाह हमें लोगो के सितमों की ।
दुनिया का भला करने हमें ईश्वर ने भेजा है लोगों ने नहीं।।""

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