राम की शक्तिपूजा की व्याख्या भाग 13 | ram ki shaktipuja ki vyakhya | part 13
प्रस्तुत पंक्तियां छायावादी कवि सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित ‘राम की शक्ति पूजा’ से ली गई हैं। मूल रूप से यह कविता उनके काव्य संग्रह ‘अनामिका’ में संकलित है। इस कविता की व्याख्या को समझने के लिए इसका अध्ययन अपेक्षित है ।